सियासी ड्रामा...मंत्री ने खाने के लिए मांगी रोटी सब्जी-चटनी नहीं मिली तो आधी रोटी वापस लौटाई
मंत्री तुलसी सिलावट केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापितों से मिलने पहुंचे। उन्होंने एक आदिवासी परिवार की झोपड़ी में पहुंचकर उनके यहां रोटी खाई। जब सब्जी और चटनी मांगी तो नहीं मिली,उन्होंने आधी रोटी वापस लौटाई और आधी अचार से खा ली। वैसे किसी गरीब, किसान, मजदूर, दलित या आदिवासी के घर जाकर नेताओं के खाना खाने की बात नई नहीं है। लेकिन नेता अगर बिना किसी प्लानिंग के पहुंच जाएं, तो स्थिति कुछ ऐसी भी बन सकती है, जैसी मंत्री तुलसी सिलावट के साथ हुई।
दरअसल मंत्री झोपड़ी में पहुंचे और वहां मौजूद महिला से रोटी मांगी। उन्होंने पूछा कि सब्जी क्या बनाई है? इस पर महिला ने बताया कि सब्जी नहीं बनाई, सिर्फ चटनी बनाई है। इसके बाद महिला ने एक रोटी मंत्री के हाथ में थमा दी। सिलावट ने आधी रोटी अपने पास रखी और आधी महिला को लौटा दी।
फिर उन्होंने कहा- चटनी तो दे दीजिए। इस पर महिला ने बताया कि चटनी नहीं है, लेकिन अचार है। इसके बाद मंत्री ने अचार के साथ आधी रोटी खाई और वहां से चले गए। इस दौरान उन्होंने परिवार से कहा कि मैं तुम्हारी रोटी और नमक खा रहा हूं।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। अब लोग इस पर चुटकी ले रहे हैं कि मंत्री की प्लानिंग में भले ही थोड़ी कमी रह गई, लेकिन रील बिल्कुल रियल जरूर बन गई और मंत्री ने गरीबी का स्वाद भी चख लिया।
