सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

देश के चुनिंदा साफ्टबॉल खिलाड़ी शहर में लेंगे गहन प्रशिक्षण

जकार्ता एशियाड में पदक जीत चुके भानुप्रताप टीम से बाहर, डोप टेस्ट में फंसा

इंदौर। 15 वर्ष आयु समूह के भारतीय स़ॉफ्टबॉल टीम के चयन प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन चिमनवाग मैदान पर रमेश मेदोला अध्यक्ष भारतीय सॉफ्ट बॉल संघ के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। यह टीम चाइना में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भाग लेगी साथ ही एशियन यूनिवर्सिटी महिला स़ॉफ्टबॉल प्रतियोगिता हेतु जाने वाली भारतीय टीम का चयन प्रशिक्षण शिविर इंदौर में आयोजित किया गया, महिला टीम ताईवान में भाग लेने हेतु जाएगी।

रमेश मेंदोला ने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर हुए कहा की भारतीय स़ॉफ्टबॉल टीम में चयन होने के लिए अधिकतम प्रयास करे साथ ही भारत को गौरव दिलाने हेतु अपना बेस्ट परफॉरमेंस प्रेषित करे, आपने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी। इस प्रशिक्षण शिविर में सम्पूर्ण भारत वर्ष से विभिन्न प्रदेशों के 23 खिलाड़ी पंद्रह वर्ष आयु समूह एवं 22 खिलाड़ी यूनिवर्सिटी महिला स़ॉफ्टबॉल टीम हेतु आमंत्रित किए गए हैं, इस चयन शिविर के पूर्व कोपरगांव में प्रथम चयन शिविर आयोजित किया गया था, इसके उपरांत खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन हेतु इंदौर में आमंत्रित किया गया।

अंतिम चयन के ऊपरात चयनित दोनों भारतीय टीमों के तीन-तीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएँगे इसके बाद टीमें एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने हेतु जाएंगी। नई दिल्ली। एशियाई खेलों के भारतीय दल पर डोपिंग का साया बुरी तरह गहरा गया है।

दो पहलवानों और एक रोइंग खिलाड़ी के डोप में फंसने के बाद एशियाड में पदक के दावेदार वुशु खिलाड़ी सूर्य भानुप्रताप सिंह भी डोप में फंस गए हैं। उन्हें एशियाई खेलों की टीम से बाहर कर दिया गया है। जम्मू कश्मीर के सूर्य भानुप्रताप सिंह को 65 किलो भार वर्ग के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया था, लेकिन नाडा की टेस्टिंग में उनके सैंपल में प्रतिबंधित सार्म्स एनोबोसार्म (ओस्टारिन) पाया गया है।

उन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है। सूर्य भानुप्रताप के टीम से बाहर होने के कारण वुशु खिलाड़ियों की एशियाई खेलों के लिए संख्या सात रह गई है। सूर्य भानुप्रताप देश के सबसे अनुभवी वुशु खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में 60 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता था।

इससे पहले वह 2015 और 2017 की विश्व चैंपियनशिप में 60 किलो वर्ग में ही कांस्य पदक जीत चुके थे। उन्होंने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। सूर्य से इस बार भी पदक की उम्मीदें की जा रही थीं। वुशु की ग्रीको रोमन कुश्ती टीम में शामिल दीपांशु (130 किलो) और प्रीस्टाइल टीम में शामिल मुकुल दहिया (86 किलो) भी नाडा की टेस्टिंग में डोप में पॉजिटिव पाए गए हैं।