सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

यह कैसा सफाई सिस्टम? जहां सुधार के बजाए निगमकर्मी शिकायतकर्ता और संबंधित को कर देते हैं आमने-सामने

शिकायतें बंद करने के लिए खेला जाता है यह खेल ताकि दोबारा नहीं करे आमजन शिकायत

शिकायतों का आंकड़ा नहीं ब़ढ़े और शिकायतें नहीं हो, लोग सवाल नहीं उठाएं इसके लिए नगर निगम के कर्मचारी इन दिनों अलग-अलग तरीके अपना रहे जहां शिकायत करने वाले पर ही सवाल खड़े करने की कोशिश नगर निगम के कर्मचारी करते हैं। ऐसा अधिकतर स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी शिकायतों में किया जा रहा है, खासकर गंदगी और कचरा फैलाने जैसी शिकायतों को लेकर सवाल पूछने वालों से संबंधित विभाग के कर्मचारियों को आमने-सामने कराकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की जाती है। जबकि शिकायत होने के बाद निगम कर्मचारियों की कोशिश उसके सुधार की ओर होनी चाहिए।

ताजा मामला जोन क्रमांक 7 के वार्ड 34 की शिकायत का है, यहां पर एनजीओ के कुल 30 कर्मचारी तैनात हैं जिनका काम कचरा गाड़ी के साथ हर दिन कचरे की मॉनिटरिंग करना है कि घर से कचरा दिया जा रहा है या नहीं उसकी रिपोर्ट तैयार करके निगम को बताना है कि कौन से घरों से कचरा नहीं डाला जा रहा अगर इन घरों के लोग कचरा गाड़ी में कचरा नहीं दे रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि कचरा खुले में फेंका जा रहा है। वार्ड क्रमांक 34 में आने वाली नई लोहा मंडी और आसपास रहवासी क्षेत्र में आइडिया के खुले प्लाटों पर कचरा फेंका जा रहा है, जहां बाउंड्री वॉल बनाई गई है वह प्लाट कचरे के डिब्बे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है इसकी परवाह भूखंड स्वामी को है ना ही नगर निगम को। अधिकांश ऐसे प्लाट है जो आइडिया बेच नहीं सका है। ।

ऐसी स्थिति में नगर निगम अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर खुले में कचरा फेंकने वालों की मॉनिटरिंग करनी थी कितने घरों से कचरा निकल रहा है और कचरा गाड़ी में डाला जा रहा है इसकी गंभीरता से समीक्षा की जानी थी लेकिन सीएसआई अनिल सिरसिया एनजीओ के कर्मचारी को शिकायतकर्ता के घर लेकर पहुंच गए।

इस दौरान शिकायतकर्ता के सामने उन्होंने एनजीओ के कर्मचारियों को लाकर खड़ा कर दिया और यह बताने का प्रयास किया कि कचरा गाड़ी पर रोज एनजीओ के कर्मचारी काम कर रहे हैं, लापरवाही कहीं भी नहीं है। जिस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि यदि हर घर से कचरा उठ रहा है तो फिर खुले में कचरा कौन डाल रहा है। आइडिया के खाली प्लाटों को कचरा घर किसने बनाया?

वही शिकायत के बाद नगर निगम को क्षेत्र में खुले में कचरा फेके जाने पर मॉनिटरिंग बढ़ानी थी लेकिन दोबारा शिकायत नहीं हो इसीलिए सीएसआई ने आमना सामना करवा दिया। साथ ही पूरे क्षेत्र में भवन निर्माण के बाद सीएनडी वेस्ट खाली प्लाटों पर फैला पड़ा हुआ है इसको लेकर सीएसआई ने कहा सीएनजी वेस्ट उठाना यह मॉनिटरिंग करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है। नगर निगम में अक्सर शिकायतों को बंद करने के लिए यही तरीका अपनाया जाता है इसीलिए शहर की छवि धूमिल हो रही है कचरा खाली प्लाटों पर डंप हो रहा है कचरा फेंकने वालों पर स़ख्ती नहीं की जाती न ही चालानी कार्रवाई जिसके कारण यह स्थिति बन रही है।

इसके अलावा सफाई की मॉनिटरिंग नगर निगम के सभी आयुक्त द्वारा की जाती थी लेकिन यह काम अब केवल सीएसआई के भरोसे छोड़ दिया गया है।

आमना सामना करने की बजाय सुधार के लिए यह कदम उठाए जाने चाहिए थे

कचरा खुले में ना फेंका जाए इसके लिए डेली मॉनिटरिंग एनजीओ के कितने कर्मचारी गाड़ियों पर कितनी देर चल रहे हैं इस पर निगरानी।

कितने घरों से कचरा गाड़ी में कचरा डाला जा रहा है इसकी डेली रिपोर्ट और एनालिसिस घरों की पहचान कर कचरा गाड़ियों में कचरा नहीं डालने की वजह और चालानी कार्रवाई।

इसके बावजूद भी सुधार नहीं होने पर सीसीटीवी कैमरे से कचरा फेंकने वालों की मॉनिटरिंग।