सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

इंदौर से पहले महू लाया जाएगा मेजर हमजा का पार्थिव देह

जैसलमेर बटालियन ने भी दी श्रद्धांजलि

मेजर हमजा का पार्थिव देह सडक मार्ग द्वारा जैसलमेर से इन्दौर लाया जा रहा है। सम्भवतः आज दोपहर तक उनका शव इन्दौर पहुंच जाएगा। हालांकि जानकारी के मुताबिक पहले उनके पार्थिव देह को महू ले जाया जाएगा जहां मिलेट्री द्वारा राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी।

इसके बाद शव परिजनों को सौपा जाएगा और परिजनों द्वारा बताए गए कब्रस्तान में सुपुर्दे-ए-खाक होगा। पार्षद प्रशांत बड़वे ने बताया कि फिलहाल सुपुर्दे-ए-खाक कब होगा इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आज देर शाम के बाद या कल सुबह रीति-रिवाजों के अनुसार उनके परिजन सुपुर्दे-ए-खाक करेंगे।

इस दौरान आर्मी द्वारा गार्ड ऑफ आनर भी दिया जाएगा। सेना अधिकारी, जिला प्रशासन अधिकारी के अलावा पुलिस अफसर भी सम्मान देंगे। मेजर हमजा का परिवार मध्यमवर्गीय है, पिता आर आर कैट से सेवानिवृत्त है। मेजर हमजा की पढ़ाई कैट स्थित सेन्ट्रल स्कूल में हुई है।

परिवार में पिता के अलावा मां और तीन बहनें है। तीनों बहने शादी-शुदा है और एक बहन इन्दौर के एक शासकीय विभाग में कार्यरत है। वहीं दो बहनें दुबई में रहती है। मेजर हमजा की पत्नी ज्योति अरोडा फिलहाल उनके साथ जैसलमेर में ही रह रही थी। उनकी एक माह पहले ही शादी हुई थी।