सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

लगातार सामने आ रहे हैं घोटाले

इंदौर नगर निगम में पिछले कुछ समय से फर्जी नामांतरण, राजस्व से जुड़े विवाद, निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप तथा अब वेतन भुगतान में फर्जी बैंक खाते के माध्यम से गबन जैसे मामलों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में सामने आए फर्जी नामांतरण प्रकरण की जांच अभी जारी है, वहीं अब वेतन घोटाले ने प्रशासन की आंतरिक निगरानी व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर कर दिया है। लगातार सामने आ रहे मामलों से निगम की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

राजनगांवकर होंगे, जबकि अपर मामले की जांच कर विस्तृत आयुक्त (वित्त) देवधर दरवई, प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश उपायुक्त के.एस. सगर (सदस्य दिए गए हैं। जांच में यह भी पता सचिव), लेखापाल आशीष तागड़े लगाया जाएगा कि बैंक खातों में और सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर कपिल बदलाव किस स्तर पर और किन- गेहलोत सदस्य बनाए गए हैं।

किन लोगों की मिलीभगत से समिति को सात दिनों के भीतर पूरे किया गया।