सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

बिजली कंपनी के इंजीनियर ने कल ही किया था ढाई करोड़ के स्त्रलॉट का सौदा

8 दिन पहले ही मिला था प्रमोशन, सुबह 6 बजे पहुंची लोकायुक्त की टीम

लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित 9 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। अपने 33 वर्षों के सेवाकाल के दौरान अधीक्षण यंत्री द्वारा अपनी वैध आय की तुलना

शिकायत पर केस दर्ज

इन्दौर। हीरा नगर थाना क्षेत्र के लवकुश चौराहे के पास खेत में डेरा डालकर रह रहे एक पशुपालक के डेरे से अज्ञात चोर रात के अंधेरे में 15 बकरियां और 10 भेड़ें चुराकर ले गए। घटना का खुलासा सुबह उस वक्त हुआ जब पशुपालक नींद से जागा और डेरे में मवेशी गायब पाए।

पीड़ित ने परिजनों के साथ मिलकर आसपास काफी खोजबीन की, लेकिन पशुओं का कोई सुराग नहीं में आय से 258 प्रतिशत अधिक अवैध संपत्ति अर्जित करने का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई से बिजली विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

लोकायुक्त पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल निवासी सी-44, सिलिकॉन सिटी निधिवन कॉलोनी ने अपने पद का दुरुपयोग कर अकूत संपत्ति जुटाई है। जांच के आधार पर लोकायुक्त की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार तड़के एक साथ आरोपी के इंदौर में 4, पीथमपुर में 2, उज्जैनी (धार) में 2 और मुरैना में 1 ठिकाने पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि आरोपी अधीक्षण यंत्री को अपने पूरे सेवाकाल में लगभग 2 करोड़ रुपये का नेट वेतन मिला है, जबकि उनके और उनके परिजनों के नाम पर 6.50 करोड़

डेरे से 15 बकरियां और 10 भेड़ें चोरी; राजस्थान के पशुपालक की

मिला, जिसके बाद थाने पहुँचकर मामला दर्ज कराया गया। हीरा नगर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, फरियादी गिरधारीलाल देवासी मूल निवासी ग्राम गिरवर, जिला पाली, राजस्थान इन दिनों लवकुश चौराहे के पास अपने मवेशियों के साथ डेरा डालकर रह रहे हैं।

गिरधारीलाल ने बताया कि 16 जुलाई की रात करीब दो बजे जब वे जागे थे, तब सभी बकरियां और भेड़ें डेरे में ही मौजूद थीं। इसके बाद वे सो गए, लेकिन सुबह करीब छह बजे उठने पर देखा तो डेरे से 15 बकरियां और 10 भेड़ें गायब थीं। रुपये से अधिक के निवेश व अचल संपत्तियों का पता चला है।

जीवन- यापन व्यय को मिलाकर कुल खर्च 7 करोड़ 16 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक सेमिल ने कल ही एक ढाई करोड़ रुपए के प्लॉट का सौदा किया था। इसके अलावा मुरैना में एक कृषि भूमि,

प्रमोशन हुआ है। और मुरैना में 50 लाख रुपये का दोमंजिला मकान भी बना रखा था। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, दिनेश पटेल, दीपक शेजवार और निरीक्षकों की टीमों द्वारा इंदौर व धार में सर्चिंग जारी है, जबकि ग्वालियर लोकायुक्त की टीम मुरैना स्थित मकान पर कार्रवाई कर रही है। आरोपी शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

दोपहर में खुलेगा लॉकर

लोकायुक्त टीम को सर्च के दौरान जानकारी मिली कि विद्युत कंपनी में अतिरिक्त चीफ इंजीनियर सेमिल का उनके निवास के समीप ही एक बैंक में लॉकर भी है। बैंक खुलने के बाद दोपहर में इस लॉकर की भी जांच की जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि इस लॉकर में जेवरात और नकदी मिलेंगे।

नप सकते हैं ठेके देने वाले

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार सेमिल को एमपीईबी से ट्रांसफार्मर सुधारने के ठेके भी मिलते थे। वहीं नए ट्रांसफार्मर भी इनकी विभिन्न फैक्ट्रियों में बनते थे। आगामी जांच में स्पष्ट होगा कि कैसे और कौन इन्हें ठेके देता था। क्या टेंडर विधिवत होते थे या सेटिंग से काम किया जा रहा था।