सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

कुलदीप को इंग्लैंड सीरीज में क्यों नहीं खिलाया, गिल ने बताया कारण

लंदन। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज में कुलदीप यादव को एक भी मैच नहीं खिलाया गया। आखिरी मुकाबले में जब जसप्रीत बुमराह चोट के कारण मुकाबला नहीं खेल रहे थे ऐसे वक्त में मौका था कि आक्रामक स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग 11 हिस्सा बनाया जाए।

हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और भारतीय टीम ने इस सीरीज के तीनों मुकाबलों में चाइनामैन गेंदबाज को नजरअंदाज किया। टी-20 सीरीज में वे पहले ही शामिल नहीं किए गए थे। इंग्लैंड सीरीज में कुलदीप यादव के नजरअंदाज किए जाने या ना खिलाए जाने का कारण अब खुद कप्तान शुभमन गिल ने बताया है।

उन्होंने कहा है कि पिचें स्पिनरों के लिए अनुकूल नहीं थीं और इसी वजह से जब स्पिनर गेंदबाजी कर रहे थे तो भारत को रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ा। इसी कारण इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए सीरीज के निर्णायक मैच में कुलदीप यादव को नहीं खिलाया गया।

रविवार को खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच में पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम के अनुभवहीन हो गई थी।

हार्दिक, अथर्व, सुजय, दिव्यन को बढ़त

वैष्णव हायर सेकंडरी स्कूल के सभागृह में आयोजित की जा रही 10 वर्ष, 15 वर्ष एवं 20 वर्ष आयु वर्गों की द्वितीय इंटरनेशनल चेस डे ट्रॉफी राज्य स्तरीय शतरंज स्पर्धा में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, भोपाल एवं धार आदि जिलों के 280 खिलाड़ी जिसमें जिसमें 2 एएफएम, 1 एजीएम एवं 1 एसीएम टाइटल खिलाड़ी, 58 रेटेड तो 75 बालिका शामिल है। चार राउंड की समाप्ति तक 20 वर्ष आयु वर्ग में हार्दिक सिंघल, अथर्व दशोरा और सुजय जैन, 15 वर्ष आयु वर्ग में दिव्यन पापड़ीवाल, रुद्रादित्य सिंह सिसोदिया, कविन कपूर एवं नकुल चंद्रावत तो 10 वर्ष आयु वर्ग में आदर्श सिंह ठाकुर, जयवर्धन खंडेलवाल, क्षितिज सिंह गौड़, अयान केजरीवाल, हरेराम गंगेले एवं खिलाडी सेजश्री चौबे ने लगातार चौथी जीत दर्ज करते हुए 4 अंक के साथ प्रथम स्थान पर संयुक्त बढ़त बना ली है।

गेंदबाजी आक्रमण ने अंत में 387 रन लुटा दिए, जिसमें से 90 रन अकेले आखिरी छह ओवरों में आए। पूरी सीरीज में मध्य ओवरों में विकेट लेने का कोई कारगर विकल्प न होने के कारण, भारत को लॉर्ड्स में काफी मशक्कत करनी पड़ी जहां वे केवल तीन विकेट ही ले सके। कुलदीप को टीम में शामिल न करने का कारण पूछे जाने पर गिल ने कहा- इससे पहले खेले गए मैचों में हमने देखा कि विकेट स्पिनरों को ज्यादा मदद नहीं कर रहे थे।

जब भी स्पिनर गेंदबाजी करने आते थे, हमें रक्षात्मक रुख अपनाना पड़ता था, जबकि तेज गेंदबाज गेंदबाजी करते समय कुछ न कुछ असर जरूर होता था। यही वजह थी कि हमने अतिरिक्त स्पिनर को टीम में नहीं लिया। लेकिन गिल ने यह स्वीकार किया कि जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, पिच धीमी होती गई।

उन्होंने कहा- तेज गेंदबाजों के साथ आप स्वाभाविक रूप से दबाव बनाना चाहते हैं और मौके बनते देखना चाहते हैं। शायद बाद में विकेट को देखकर मुझे लगता है कि यह थोड़ी धीमी

इंदौर। यूनाइट इंदौर चेस क्लब एवं श्री वैष्णव स्पोर्ट्स एकेडमी इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में श्री क्लॉथ मार्केट