सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

वक्फ कमेटी में गैर मुस्लिमों की नियुक्ति का विरोध

मुस्लिम एक्शन कमेटी के मोईनुद्दीन ऱजवी ने बताया कि पिछले 10-12 वर्षों से मुसलमानों के धार्मिक स्थलों व मुस्लिम पर्सनल लॉ पर हमले हो रहे हैं, देश के संविधान में दिए गए धार्मिक अधिकारों को छीना जा रहा है। वक्फ सम्पत्तियां छीनी जा रही है, वक्फ बोर्ड नियमों को तोड़ा जा रहा है। म.प्र. सरकार ने म.प्र. वक्फ के गठन में दो गैर मुस्लिमों की नियुक्ति की है, जो वक्फ कानून के खिलाफ है, गैरमुस्लिम लड़का-लड़की अलग-अलग धर्म के हों उन्हें भी वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना अनिवार्य होगी।

कानूनन यह संविधान व मुस्लिम पर्सनल लॉ का उल्लंघन व अपमान है। रिजवी ने कहा कि म.प्र. वक्फ कमेटी के गैर मुस्लिमों की नियुक्ति तो क्या म.प्र. शासन मन्दिरों के ट्रस्ट में मुस्लिमों की नियुक्ति करना पसन्द करेगा। यह एक समान नागरिकता संहिता का टाइटल है, समान नागरिकता संहिता कानून ने आदिवासियों, गैरमुस्लिम अल्पसंख्यकों को छोड़कर लागू किया जा रहा है, समान नागरिकता संहिता सिर्फ मुसलमानों के धार्मिक अधिकार छीनने, मुसलमानों को दबाने, मुस्लिम पर्सनल लॉ को खत्म करने का षडयंत्र है। शासन का ऐसा सोचना गलत है।