कार रेंटल के नाम पर धोखाधड़ी
किराए पर लीं 7 गाड़ियां, न किराया दिया न लौटाईं कारें
तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में किराए पर वाहन लेकर धोखाधड़ी करने का एक मामला सामने आया है। एक शातिर आरोपी ने अनुबंध पत्र के जरिए एक-दो नहीं बल्कि पूरे सात चार पहिया वाहन किराए पर लिए, लेकिन बाद में नियमानुसार न तो वाहनों का किराया दिया और न ही गाड़ियां मालिक को लौटाईं। हद तो तब हो गई जब किराए पर ली गई गाड़ियों में से तीन कारें लावारिस हालत में अलग-अलग जगहों पर पड़ी मिलीं, जबकि चार गाड़ियां अब भी आरोपी के कब्जे में हैं।
पीड़ित की शिकायत पर तेजाजी नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेजाजी नगर पुलिस के अनुसार, धोखाधड़ी का यह मामला नायता मुंडला निवासी फरियादी अन्नू पटेल की शिकायत पर दर्ज किया गया है। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसने आरोपी विशाल पिता मोहन पाटीदार निवासी साल्या खेड़ी, सुसनेर, जिला आगर मालवा के साथ विधिवत एग्रीमेंट कर अपनी कुल 7 गाड़ियां किराए पर चलाने के लिए दी थीं।
अनुबंध की शर्तों के मुताबिक आरोपी को हर महीने तय समय पर किराए का भुगतान करना था और काम पूरा होने पर गाड़ियां वापस लौटानी थीं। अनुबंध होने के कुछ समय बाद आरोपी विशाल पाटीदार ने फरियादी को किराया देना बंद कर दिया। जब पीड़ित ने अपने वाहनों और किराए के पैसों के बारे में तकादा किया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
इस बीच पीड़ित को पता चला कि उसकी 7 में से 3 कारें लावारिस हालत में अलग-अलग स्थानों पर खड़ी मिली हैं। इसके बाद जब फरियादी ने अपनी शेष 4 गाड़ियों को वापस मांगा, तो आरोपी ने गाड़ियां लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें अपने पास ही दबाकर बैठ गया। काफी प्रयास के बाद भी जब न तो बकाया किराया मिला और न ही बची हुई चार कारें वापस मिलीं, तब पीड़ित अन्नू पटेल ने तेजाजी नगर थाने पहुंचकर पूरी आपबीती बताई।
तेजाजी नगर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी विशाल पाटीदार के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक टीम आरोपी की गिरफ्तारी और उसके कब्जे से बची हुई चारों कारों की बरामदगी के लिए आगर मालवा व संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
