सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

मल्हारगंज की तरह तिलक नगर में बनने लगा है माहौल

आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में भी शुरू होगा जनता का आंदोलन

क्षेत्र के नागरिकों में अंडरग्राउंड मेट्रो को लेकर पैदा हो गया डर

कुछ समय पहले मल्हारगंज में जिस तरह से अंडरग्राउंड मेट्रो का विरोध शुरू हुआ था कुछ वैसा ही माहौल अब तिलक नगर क्षेत्र में बनने लगा है। इस क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों में अंडरग्राउंड मेट्रो को लेकर डर पैदा हो गया है। इन नागरिकों के द्वारा आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में आंदोलन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

प्रदेश सरकार के द्वारा मेट्रो को लेकर जो योजना बनाई गई थी उसके अनुसार रेडिसन होटल चौराहा से लेकर पलासिया चौराहा तक मेट्रो रेल को एलिवेटेड रूप से लाया जाना था। इसके लिए न केवल प्रस्ताव मंजूर किया गया था बल्कि ठेकेदार को ठेका भी दे दिया गया था। जब रेडिसन होटल तक काम पूरा हो गया तो फिर आगे का काम देखा जाने लगा।

इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि यदि इस क्षेत्र से एलिवेटेड रूप से मेट्रो को लाया जाता है तो बड़ी संख्या में मकान में तोड़फोड़ करना पड़ेगी। इस स्थिति को देखते हुए प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजय वर्गीय के द्वारा ही यह पहल की गई थी कि इस क्षेत्र में एलिवेटेड मेट्रो के स्थान पर अंडरग्राउंड मेट्रो बना दी जाए।

इस पहल को राज्य सरकार के द्वारा मंजूर किया गया और प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया। इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार की भी मंजूरी मिल गई। इस क्षेत्र में एलिवेटेड के स्थान पर अंडरग्राउंड मेट्रो बनने से 800 करोड रुपए ज्यादा खर्च होंगे।

इस ज्यादा खर्च होने वाली राशि को भी मंजूरी मिल गई है। ऐसी स्थिति में अब तिलक नगर, गोयल नगर और साइनाथ कॉलोनी मैं रहने वाले नागरिक अपने डर के चलते हुए विरोध करने पर आमदा हो गए हैं। 2 दिन पहले विधायक महेंद्र हडिया और पार्षद राजेश उदावत के द्वारा इन नागरिकों के साथ मेट्रो के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी।

इस बैठक में जिस तरह गुस्सा प्रदर्शित करते हुए नागरिकों के द्वारा नारेबाजी की गई और फिर मेट्रो के अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया उससे पूरा मामला बिगड़ गया है। इस बैठक में क्षेत्र के विधायक महेंद्र हार्डिया के द्वारा यह ऐलान कर दिया गया कि हमें हमारे क्षेत्र में मेट्रो नहीं चाहिए। विधायक के इस ऐलान से स्थिति ज्यादा बिगड़ गई।

अब जब सरकार के द्वारा योजना मंजूर की जा चुकी है तो फिर किसी को इस योजना पर आपत्ति हो या सहमति हो उससे कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।

हकीकत में देखा जाए तो अब तिलक नगर के क्षेत्र में वही स्थिति बन गई है जो कुछ समय पहले मल्हारगंज क्षेत्र में बन गई थी। यहां भी नागरिकों के द्वारा सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध और आंदोलन किया जा रहा था। इस विरोध का कोई परिणाम निकल नहीं सका। आज इस क्षेत्र में अंडरग्राउंड मेट्रो बनाने का काम तेज गति के साथ चल रहा है। इस स्थिति

विधायक के रुख पर आश्चर्य

विधायक महेंद्र हार्डिया के द्वारा जिस तरह मेट्रो के विरोध को अपना स्वर

रही है। ऐसी स्थिति में भी यदि विधायक प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए खुला बयान दें तो भाजपा संगठन में उसे गंभीरता से लिया गया है।

2 दिन बाद होगी बैठक

इस प्रोजेक्ट को लेकर इस सप्ताह के अंत में मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठक

इस बैठक में इंदौर में विधायक द्वारा कहे गए वाक्य और नागरिकों के

फिर क्षेत्र के नागरिक अकेले रह जाएंगे। से तिलक नगर और उसके आसपास के क्षेत्र के रहने वाले नागरिकों को भी यह समझ लेना चाहिए कि विरोध के स्वर कोई परिणाम नहीं दिला सकते हैं।

दिया गया उससे आश्चर्य है। विधायक को यह अच्छी तरह से मालूम है कि यह पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार का है। इस प्रोजेक्ट को मंजूरी शहरी विकास मंत्रालय ने दी है और उसकी निगरानी प्रधानमंत्री कार्यालय से हो

का आयोजन होने वाला है। मेट्रो रेल कारपोरेशन के अधिकारियों के द्वारा

विरोध की जानकारी रखी जाएगी। ऐसा समझा जाता है कि इस बैठक के बाद इस विरोध से विधायक और भाजपा के नेता गायब हो जाएंगे और