बैंक का खाता निकला म्यूल अकाउंट, 2 आरोपियों पर केस
शहर में साइबर अपराधियों को बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) किराए पर मुहैया कराने वाले सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। तुकोगंज थाना पुलिस ने रेसकोर्स रोड स्थित बैंक शाखा के एक खाते का साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने पर दो आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों ने वित्तीय लाभ और कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते को साइबर ठगों के नेटवर्क को सौंप दिया था, जिसके जरिए देशभर में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम का लेनदेन किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, रेसकोर्स रोड स्थित आईडीएफसी बैंक की शाखा में संचालित एक बैंक खाते के संबंध में साइबर पोर्टल से संदिग्ध ट्रांजेक्शन का इनपुट प्राप्त हुआ था। तकनीकी जांच और सत्यापन करने पर सामने आया कि यह खाता उमेश लालवानी निवासी अशोक नगर, एरोड्रम, इंदौर के नाम पर पंजीकृत है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी उमेश लालवानी ने अपने साथी त्रषि ठाकुर के साथ मिलकर इस खाते को साइबर अपराधियों को ‘म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ितों से ऐंठी गई राशि को सबसे पहले इसी बैंक खाते में ट्रांसफर कराया जाता था, जिसके बाद फर्जी सिम और डिजिटल माध्यमों से राशि अन्य खातों में ट्रांसफर या विड्रॉ कर ली जाती थी। मामला स्पष्ट होने के बाद तुकोगंज थाना पुलिस ने प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी उमेश लालवानी और उसके सहयोगी त्रषि ठाकुर के खिलाफ धोखाधड़ी व साइबर अपराध की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है और खाते से हुए कुल वित्तीय ट्रांजेक्शन का ब्योरा खंगाल रही है।
