सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

जमीन ली, निर्माण तोड़े... अब टीडीआर से भरपाई के दावे

23 सड़कों का वादा, 51 को टीडीआर मिला अब आरई-2 के 88 प्रभावितों को मिलेगा लाभ

23 सड़कों पर टीडीआर का वादा

पहले 11 प्रभावित अब 88 की बारी

चार सड़कों पर 51 को प्रमाणपत्र, 50 और तैयार

शहर में सड़क चौड़ीकरण के लिए निजी जमीन और मकान- दुकानों के बाधक हिस्से हटाने के बाद अब प्रभावितों को मुआवजे के विकल्प के तौर पर ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (टीडीआर) देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। भूरी टेकरी से आरटीओ ऑफिस होते हुए नायता मुंडला तक बन रही आरई-2 सड़क के 88 प्रभावितों को टीडीआर का लाभ देने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी), भोपाल ने सड़क को जनरेटिंग एरिया घोषित कर दिया है। इसके साथ ही 15 दिन में दावे-आपत्तियां बुलाकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

करीब 45 मीटर चौड़ी की जा रही आरई-2 सड़क में 88 लोगों की जमीन और मकान-दुकानों के बाधक हिस्से आ रहे हैं। सड़क निर्माण में निजी जमीन के साथ शासकीय जमीन भी शामिल है। अब टीडीआर देने के लिए जनरेटिंग एरिया घोषित होने के बाद आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा।

इसके बाद गजट नोटिफिकेशन जारी होगा और पात्र प्रभावितों को टीडीआर सर्टिफिकेट जारी किए जा सकेंगे। आरई-2 से पहले साकेत नगर से रिंग रोड (मनीषपुरी) को जोड़ने वाली सड़क के चौड़ीकरण में प्रभावित 11 लोगों को टीडीआर देने के लिए जनरेटिंग एरिया घोषित कर आपत्तियां बुलाई गई थीं। अब आरई-2 के प्रभावितों के लिए भी इसी व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।

टीडीआर के तहत सड़क के लिए ली गई पात्र निजी जमीन या प्रभावित हिस्से के बदले जमीन मालिक को विकास अधिकार का प्रमाणपत्र दिया जाता है। इसका उपयोग अतिरिक्त निर्माण क्षमता के रूप में किया जा सकता है। पात्रता और नियमों के अनुसार इसे दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर भी किया जा सकता है।

इंदौर में अब तक चार सड़क परियोजनाओं पर ही टीडीआर सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं। इनमें महू नाका-टोरी कॉर्नर, सरवटे बस स्टैंड- गंगवाल बस स्टैंड, व्यास ब्रिज-जिंसी और बड़ा गणपति-राजमोहल्ला (गणेशगंज) सड़कें शामिल हैं। इन चार सड़कों के लिए 51 प्रभावितों को टीडीआर सर्टिफिकेट दिए जा चुके हैं, जबकि करीब 50 अन्य प्रभावितों को प्रमाणपत्र जारी करने की तैयारी है।

इन चार सड़क परियोजनाओं में करीब 1211 लोगों की निजी जमीन प्रभावित हुई है। सड़क चौड़ीकरण के लिए करीब 2.25 लाख वर्गफीट निजी जमीन लिए जाने की जानकारी सामने आई है। मास्टर प्लान की 23 सड़कों के प्रोजेक्ट की लागत करीब 468 करोड़ रुपए बताई गई थी।

इनमें आरई-2, आरडब्ल्यू-1, एमआर-4, योजना क्रमांक 155 नंदबाग रोड, सुभाष मार्ग, जिंसी- नेमीनाथ चौराहा, जिंसी-लक्ष्मीबाई प्रतिमा, भगीरथपुरा रोड, भंवरी- राजशाही गार्डन, जंजीरवाला चौराहा-अटल द्वार, मधुमिलन- कैंटोनमेंट चौराहा, एडवांस्ड एकेडमी-रिंग रोड और जीपीओ- सरवटे बस स्टैंड सहित अन्य सड़कें शामिल हैं यहां भी आने वाले समय में टीडीआर का लाभ प्रभावितों को दिया जाएगा।