‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र का शुभारंभ
आपदा में फंसे लोगों को बाहर निकालना, जरूरत पड़ने पर अस्थाई नाव और स्ट्रेचर तैयार करना भी बताया गया
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इंदौर के निर्देशानुसार इंदौर में सात दिवसीय ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय सत्र का शुभारंभ किया गया। प्रीतिबाला सिंह, डॉ. मधु राजेश तिवारी अतिथि
थे।
प्रशिक्षण एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र, रालामंडल, इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। द्वितीय सत्र में लगभग 150 आपदा मित्रों का पंजीयन किया गया है। इंदौर जिले में कुल 900 आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इन्हें चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित आपदा मित्र स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों में प्रभावी भूमिका निभा सकें। आपदा मित्रों को आपातकालीन परिस्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घायलों को राहत दिलाने, जीवन रक्षक सहायता देने, खोज औ बचाव कार्य में आपदा में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, बाढ़ और जल भराव की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, आग लगने पर प्रारंभिक आग पर नियंत्रण, घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए पहुंचाना।
अस्थाई नाव राफ्ट, स्ट्रेचर तैयार करने के लिए आपदा की परिस्थिति में केले के तने, प्लास्टिक की बोतल और अन्य सामग्री का उपयोग कैसे किया जाए यह भी बताया जा रहा है। यह प्रशिक्षण होम गार्ड के अविनाश दीनकर दे रहे हैं।
