क्लॉथ मार्केट से खत्म हुआ हंसराज गुट का दबदबा
है। ऐसे में अब हंसराज जैन का दबदबा कपड़ा बाजार से खत्म हो गया है। इधर मंत्री पद पर कैलाश
एकतरफा जीत हासिल कर खुद को मजबूत साबित किया। उल्लेखनीय है कि बीते 2 कार्यकाल में मूंगड़ और उनकी टीम ने कपड़ा बाजार में परंपरा से हटकर अपनी कार्यशैली को समय के अनुरूप बदला है। इसी का परिणाम चुनाव के रिजल्ट को माना जा रहा है। इसी हफ्ते सभी पदाधिकारी चार्ज लेंगे।
समाजवाद के आरोप से मुक्त हुआ कपड़ा बाजार
कपड़ा बाजार में हर बार चुनाव में समाजवाद का आरोप सामने आता है। एक समाज को भारी मूंगड़ ने बताया जाता था और इसी के ज्यादातर पदाधिकारी भी बनते थे। लेकिन इस बार समाजवाद से परे परिणाम नजर आए। पदाधिकारियों की सूची में सभी समाज को बैलेंस करने के प्रयास किए गए।
